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शिमला, 09 मई, 2020। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि कोरोना वायरस के इस दौर में प्रदेश सरकार के लगातार गलत फैसले प्रदेश की जनता के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को सभी उपायुक्तों को अपने अपने स्तर पर हर जिले की स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार देना चाहिए, लेकिन यहां उल्टा हो रहा है।

जिला प्रशासन अभी निर्णय लेता ही है कि सरकार उसके उल्ट निर्णय ले रही है। सुधीर शर्मा ने प्रदेश सचिवालय में सामने आए सैनिटाइजर घोटाले तथा अधिकारियों को महंगे फोन देने के मामले पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में ऐसे मामले आना सरकार की नाकामी को दर्शा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास कोविड-19 पर इतने अधिक फंड दान आ रहा है। फिर भी ना तो डॉक्टरों को और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों को अभी तक पीपीई किट दिए गए हैं।

प्रदेश में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी लगातार सैनिटाइजेशन का काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें भी अभी तक पीपीई कीट नहीं दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकाघाट के युवक की हुई मौत तथा उसके शव को जलाने में जो व्यवस्था की एक बड़ी खामी नजर आई। उसने ही प्रदेश में इस महामारी की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे कवारंटाइन तथा आइसोलेशन सेंटरों के बारे में भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। ‌ इन सेंटरों को आबादी के बीच में खोला जा रहा है।

उन्होंने बैजनाथ में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर को लेकर भी एतराज जताते हुए कहा कि इस सेंटर को एक बड़ी आबादी के बीच खोल दिया गया और वहां पॉजिटिव मामलों को लाया जा रहा है।

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